🙏🙏 शुभकामनाएं! मनुष्य कल्पना शील है, अन्य प्राणी नहीं... मनुष्य कल्ह की कल्पना करता,अन्य प्राणी नहीं... मनुष्य प्रगति करते हुए सितारों तक पहुंच बना ली, अन्य प्राणी नहीं... कल्पना शक्ति ही मानवी शक्ति का मूल श्रोत है, तो क्यों हम सभी कल्पना तो करते हैं परंतु उन्हें कल्ह पर टाल देते हैं? कल्ह कभी आता नहीं, यह समझ जिसे आ गया वही मानव अपने जीवन को साकार किया... उठो, वही कल्ह है जिसके बारे में कल्ह सोंचे थे, वो आज बनकर आ गया... कल्पना के पंखों पर सवार आज उड़ चलो, हर खुशी, हर सफलता तुम्हारे कदमों में है... आप का हर पल मंगल मय हो... RK Sinha प्रणाम!
अपनी खुशियों की चाभी किसी दूसरे को सुपुर्द न करें ! हर समस्या का निराकरण स्वचिंतन और मनन से सम्भव है, समस्या बिकराल तब होती है जब हम उलझते हैं "लोग क्या कहेंगे " सुबह की राम राम जी 🙏 आर के सिन्हा
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